रांची18 मिनट पहले

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रांची जिला प्रशासन और सिविल सर्जन के कोविड मरीजों को लेकर जो आंकड़े हैं वो आपस में मेल नहीं खा रहे हैं. जिला प्रशासन ने 22 अक्टूबर को रिपोर्ट जारी कर रांची को थाने से कुल 59 संक्रमितों में से 26 होने की पुष्टि की थी. वहीं, सिविल सर्जन बता रहे हैं कि उस दिन मिले बाकी संक्रमित दूसरे राज्यों और जिलों के थे, रांची के सिर्फ 2 पॉजिटिव थे.

23 अक्टूबर को जिला प्रशासन ने रांची में 27 संक्रमितों की पुष्टि की थी, लेकिन सिविल सर्जन के मुताबिक उस दिन जिले में 11 पॉजिटिव ही मिले थे. भास्कर ने शहर के प्रमुख अस्पतालों की जांच की। पता करें कि कितने संक्रमित भर्ती हैं। पता चला कि रिम्स में दो दिन में दो संक्रमितों को ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल में भर्ती कराया गया है, जबकि सोमवार को एक की रिपोर्ट निगेटिव आई है.

सीमा पर जांच बढ़ाने के निर्देश कागजों पर, न जांच हो रही, न मजिस्ट्रेट तैनात

राजधानी में अचानक से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने जिले की सीमा पर बाहर से आने वाले यात्री वाहनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश जारी किए थे. लेकिन अपर मुख्य सचिव के निर्देश कागजों पर ही रह गए। रांची जिले की सीमा पर बाहर से आने वाले यात्री वाहनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई.

नतीजा यह है कि बेखौफ यात्री वाहन दूसरे राज्यों से यात्रियों को रांची ला रहे हैं। बंगाल की ओर से आने वाले यात्री वाहन रांची-तमाड़ सीमा में लगातार प्रवेश कर रहे हैं. हाल ही में रांची रेलवे स्टेशन पर कोरोना संक्रमित पाए गए यात्री ज्यादातर बंगाल के थे। यही हाल ओरमांझी टोल नाका का है। यहां भी बिहार से आने वाले यात्री वाहनों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. दूसरे राज्यों से आने वाले यात्री वाहनों की भी चान्हो मंदर द्वारा जांच नहीं की जा रही है।

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