रांची13 घंटे पहले

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  • 5.71 करोड़ नकद और 10 लॉकर भी कब्जे में
  • कंपनी के देवघर समेत 22 ठिकानों पर छापेमारी

सड़क निर्माण से जुड़ी अमहारा कंस्ट्रक्शन की 100 करोड़ की अघोषित आय को आयकर विभाग ने पकड़ा है। आयकर विभाग ने निर्माण कंपनी के निदेशक व उसके कार्यालयों व अन्य जगहों पर छापेमारी कर इस गड़बड़ी को पकड़ा है. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने करीब चार दिन की छापेमारी के बाद सोमवार को यह खुलासा किया।

सीबीडीटी के मुताबिक, बिहार-झारखंड की इस बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसरों में छापेमारी के दौरान 5.71 करोड़ रुपये नकद और 10 बैंक लॉकर जब्त किए गए हैं. कई सावधि जमाओं में निवेश का भी पता चला है। आयकर विभाग ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक राकेश कुमार के 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी. देवघर में राकेश के रेंजर भाई के घर से 3.85 करोड़ रुपये नकद मिले।

जब्त किए गए दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि अघोषित नकदी कई जगहों पर ले जाया गया, जिसका इस्तेमाल अलग-अलग जगहों पर अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था। इसके अलावा इस पैसे का इस्तेमाल निजी खर्चों में भी किया जाता था।

कंपनी ने आय छिपाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए।

सीबीडीटी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पता चला कि कंपनी ने अपनी आय छिपाने के लिए निर्माण सामग्री की खरीद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और फिर उसे बाजार में बेच दिया। लेकिन इससे आने वाले पैसे को छुपाया गया। इस निर्माण समूह ने व्यवसाय से जुड़े खर्चों को बढ़ाने के लिए इसे कई अन्य जगहों पर भी समायोजित किया। छापेमारी के दौरान गिरोह की संदिग्ध गतिविधियों में मदद करने वाले कमीशन एजेंटों के परिसरों से कई हस्तलिखित डायरियां भी बरामद हुई हैं।

लेन-देन का हिसाब भी नहीं रखा, ठेके की रसीद भी छिपाई

यह भी पता चला है कि समूह ने अनुबंध से संबंधित रसीद और सेवा आय को भी छुपाया था। कंपनी द्वारा लेन-देन का लेखा-जोखा भी नहीं रखा जा रहा था। यहां तक ​​कि बिल और वाउचर भी नहीं बनाए जा रहे थे। छापेमारी के दौरान यह भी पता चला कि फर्जी बिलों का भुगतान करने वाले कमीशन एजेंटों और आपूर्तिकर्ताओं की मदद से करोड़ों कर छिपाए गए थे। छापेमारी के दौरान करीब 100 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा हुआ है। आयकर विभाग की जांच जारी है।

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