जमशेदपुर6 घंटे पहले

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केयू प्रशासन का लक्ष्य इस बार ए-ग्रेड हासिल करना है।

केल्हन यूनिवर्सिटी की NAAC (नेशनल एक्रिडिटेशन असेसमेंट काउंसिल) का आयोजन अगले साल होना है। वीसी डॉ. गंगाधर पांडा ने सभी पीजी विभागों को इसकी तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि इस बार यूनिवर्सिटी को बेहतर ग्रेड मिल सके. नैक में महज तीन महीने बचे हैं। पिछली बार केयू को नैक से सी ग्रेड मिला था।

इस वजह से विवि को कई तरह के फंड नहीं मिल पाते हैं। केयू प्रशासन का लक्ष्य इस बार ए-ग्रेड हासिल करना है। इसकी राह में सबसे बड़ी बाधा शिक्षकों की कमी है। इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च और इनोवेशन की स्थिति भी अच्छी नहीं है।

कुलपति ने सभी पीजी विभागों को तैयार रहने के दिए निर्देश

यह है नया पैटर्न
यूजीसी के नियमों के अनुसार किसी संस्थान को अधिकतम 4 सीजीपीए दिया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए नैक की टीम ग्रेडिंग करेगी। इसमें 3.76 या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले संस्थान को A++, 3.51 से 3.75 अंक A+, 3.01 से 3.50 अंक A ग्रेड, 2.76 से 3 अंक B++, 2.51 से 2.75 अंक प्राप्त होंगे। बी+ स्कोर करने वालों और 2.01 से 2.50 तक स्कोर करने वालों को बी ग्रेड दिया जाएगा।

कॉलेजों में नैक मूल्यांकन भी करना होगा

केयू के सी-ग्रेड कॉलेजों को भी नैक मूल्यांकन करवाना होगा। यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक फंड पाने के लिए कॉलेजों को कम से कम बी-ग्रेड मिलना जरूरी है। यूजीसी ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यह प्रावधान किया है।

इन छह बिंदुओं पर मूल्यांकन

कैरियर की अपेक्षा, शिक्षण-शिक्षण और मूल्यांकन, अनुसंधान नवाचार और विस्तार, बुनियादी ढांचे और सीखने के संसाधन, छात्र सहायता और प्रगति, शासन नेतृत्व और प्रबंधन, संस्थागत मूल्य और सर्वोत्तम अभ्यास।

शिक्षकों की कमी दूर करने का प्रयास

अगले साल विश्वविद्यालय में नैक होगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। बेहतर ग्रेड के लिए सभी पहलुओं पर काम करना। शिक्षकों की कमी हमारे लिए एक समस्या है। लेकिन इस कमी को भी दूर किया जा रहा है। – डॉ. पीके पाणि, प्रवक्ता, केल्हन विश्वविद्यालय

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