धनबादतीन घंटे पहले

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कुमाधुबी कोलियरी की भूमिगत खदान जहां 3 दिन बाद शुरू हुआ उत्पादन

  • कुमारधुबी कोलियरी प्रबंधन और प्रशासन ने दावा किया कि खदान सुरक्षित है

चौथे दिन ईसीएल मुगमा क्षेत्र के कुमारधुबी कोलियरी की भूमिगत खदान में कोलियरी प्रबंधन ने श्रमिकों को उत्पादन शुरू करने के लिए भेजा. सीआईएसएफ के जवानों, पुलिस अधिकारियों और कोलियरी प्रबंधन ने मंगलवार रात को पिलर संख्या 26 तक भूमिगत खदान का निरीक्षण किया. केवल यह कहकर कि कोई लुटेरा नहीं था, प्रबंधन ने कहा था कि खदान सुरक्षित है।

बुधवार को प्रबंधन ने रोज की तरह श्रमिकों को भेजकर उत्पादन शुरू किया। मंगलवार की शाम छह बजे ही लुटेरों के चंगुल से छूटे बिजली मिस्त्री मंगलम कुमार को चिरकुंडा पुलिस हिरासत में लेकर 18 घंटे तक चिरकुंडा थाने में रखा गया और बुधवार दोपहर 12:30 बजे छोड़ दिया गया. पुलिस की कार्रवाई को देखकर ईसीएल कर्मी और स्थानीय लोग सिर्फ सर्च ऑपरेशन के नाम पर लुटेरों को रात के अंधेरे में भगाने की बात कर रहे हैं.

रविवार रात हथियारबंद अपराधियों ने किया हमला
बता दें कि रविवार रात करीब 10 बजे कुमारधुबी कोलियरी पर 25 से 30 हथियारबंद लुटेरों ने हमला कर बम फेंके और ईसीएल सुरक्षा दल के इंस्पेक्टर अवध बिहारी महतो को घायल कर दिया. इसके बाद उसने भूमिगत खदान के अंदर कब्जा जमा कर लूट की घटना को अंजाम देने की कोशिश की. ईसीएल सुरक्षा दल द्वारा सुबह 11:00 बजे तक भूमिगत खदान की घेराबंदी के बाद कई घंटों तक लुटेरों से मुठभेड़ के बाद ही लुटेरे भूमिगत खदान के अंदर फंस गए थे।

कर्मचारी ने पुलिस पर बेवजह 18 घंटे तक थाने में रखने का आरोप लगाया
मंगलवार की शाम साढ़े छह बजे अचानक चिरकुंडा पुलिस ने कुमारधुबी कोलियरी के बिजली मिस्त्री मंगलम कुमार को हिरासत में लेकर चिरकुंडा थाने ले आई. 18 घंटे तक बेवजह चिरकुंडा थाने में रखने के बाद बुधवार दोपहर 12 बजे उसे छोड़ दिया गया। भूमिगत खदान में काम करने वाला मंगलम कुमार लुटेरों के चंगुल में ही फंस गया। उन्होंने बहादुरी का परिचय देते हुए अन्य जवानों की जान बचाई। साथ ही सुरक्षा टीम को सूचना देकर खदान के अंदर मौजूद लुटेरों को पकड़ने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई.

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