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रांचीसात दिन पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना

फाइल फोटो

  • जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा, वह तीन साल तक संचालन और रखरखाव का काम देखेगी।

पेयजल और स्वच्छता विभाग के अधिकारियों ने अपने स्वयं के लाभ और पसंदीदा की एजेंसी को 11.84 करोड़ रुपये की निविदा प्रस्तुत करने के लिए फाइल पर विभागीय मंत्री की मंजूरी बदल दी। मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने इस गड़बड़ी को पकड़ने के बाद सचिव प्रशांत कुमार पर शोक व्यक्त किया है। साथ ही अधिकारियों के खिलाफ आरोप गठित करने का आदेश दिया। उन्होंने पूछा है कि फ़ाइल में मेरे द्वारा अनुमोदित बोली दस्तावेज में छेड़छाड़ कैसे की गई है? फ़ाइल के तथ्यों को कैसे बदला गया? दो दिन में स्पष्टीकरण दें।

दरअसल, यह मामला पेयजल और स्वच्छता प्रभाग -01 धनबाद से संबंधित है। वहां 77 एमएलडी की शहरी जलापूर्ति योजना के संचालन और रखरखाव के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं। जिन शर्तों पर मंत्री ने फाइल में स्वीकृति दी, उनमें से कुछ को अधिकारियों ने बदल दिया और निविदा भी जारी कर दी। पकड़े जाने के बाद अब टेंडर डाला गया है।

आगे क्या – निविदा समिति की बैठक का नवीनीकरण किया जाएगा

टेंडर फ्रीज होने के बाद अब प्रक्रिया दोबारा दोहराई जाएगी। इसके तहत स्क्रूटनी, टेंडर कमेटी के साथ बैठक, ओपनिंग रेट की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कंपनी एल-वन इसमें मिलेगी, इसे संचालन और रखरखाव का काम मिलेगा। जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा, वह तीन साल के लिए परिचालन और रखरखाव का काम देखेगी।

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