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कोडरमा5 दिन पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना
  • छापेमारी टीम द्वारा जब्त खनन में प्रयुक्त विस्फोटक, दो पर दर्ज हुआ मामला

वन्यजीव आश्रय के अंतर्गत मेघरारी वन में वन विभाग के लाख प्रयासों के बाद भी अवैध उत्खनन हो रहा है। वहां सक्रिय खनन माफिया धोबरा की खुदाई के लिए विस्फोटकों का उपयोग कर रहे हैं। जिसके कारण वन्यजीवों के अस्तित्व पर संकट बढ़ता जा रहा है। अवैध उत्खनन के बारे में गुप्त सूचना पर वन विभाग की टीम द्वारा की गई छापेमारी के दौरान ढिबरा की खुदाई में प्रयुक्त 7 पीस पॉवर जेल और 7 पीस जिलेटिन सहित इसके उपयोग को लेकर जंगल में लगाए गए एक पीस स्विच बॉक्स के अलावा सामान जब्त कर लिया गया। इस मामले में वन परिषद अधिकारी नीरज पंडित द्वारा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। जिसमें वन में अवैध खनन के लिए मेघागरी के एकतरवा निवासी संजय सिंह और चंदन सिंह को नामजद किया गया है।

आवेदन में कहा गया है कि जंगल में ढिबरा के अवैध उत्खनन की सूचना पर छापेमारी दल द्वारा गश्त के दौरान, उपर्युक्त मजदूरों को जंगल के नीचे फलहालिया उप परिषद के बगुलवा पुराण माइंस के पास ढिबरा की अवैध रूप से खुदाई करते देखा गया था। इस दौरान गश्त को देख दोनों आरोपी मजदूरों के साथ वहां से भाग निकले। जांच के दौरान, जंगल में अवैध उत्खनन स्थल से ढिबरा की खुदाई में उपयोग के लिए रखे गए विस्फोटक जब्त किए गए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कई बार छापेमारी कर भारी मात्रा में जंगल, ढिबरा और इसके परिवहन के लिए उपयोग किए गए वाहनों से अवैध उत्खनन किया जा चुका है। इसके अलावा, वन विभाग द्वारा अदालतों और पुलिस स्टेशनों में अवैध खनन के संबंध में सौ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। साथ ही, कई लोगों को इसमें नामांकित भी किया गया है। घटना में नामित कई लोगों को लंबे समय के बाद भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। वहीं, जंगली जानवरों के लिए संरक्षित जंगल में खनन माफिया लगातार अवैध खनन कर रहे हैं।

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