चाईबासा : कोरोना से बचाव को लेकर लगे लॉकडाउन और राज्य के पलामु और कोलहान प्रमंडल क्षेत्र में सरकार की ओर से चल रही योजनाओं का वास्तविक रिपोर्ट की समीक्षा को जानने के लिए गुरूवार को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सांसद और विधायकों से मुखातिब हुए। इस दौरान सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा ने कोराना से बचाव को लेकर लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा राज्यहित में उठाये गये कदमों का सरहाना की वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले के भंडार गृह में अनाज उपलब्ध नहीं होने को लेकर चिंता जताई अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों और छात्रों को प्रताड़ित किये जाने को लेकर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अवगत कराते हुए उन प्रवासी मजदुरों और छात्रों को सुरक्षित जिला लाने की बात कही। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सांसद गीता कोड़ा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रूबरु होते हुए कही की मुख्यमंत्री जी प्रवासी मजदुरों और छात्रों को अपने अपने गृह जिले में लाने का निर्णय और पहल सराहनिय और स्वागत योग्य है।लेकिन पश्चिमी सिंहभूम जिले के अन्य राज्यों में फंसे मजदुरों और छात्रों को प्रताड़ीत किया जा रहा है और उन मजदुरों को समय पर खाना और अन्य सुविधाएं भी नहीं मिल रही है।इतना ही नहीं किराये पर रह रहे मजदुरों और छात्रों को किराये देने के लिए दबाब बनाया जा रहा है, तथा यदी वैसे लोग किराया का मकान छोड़ कर अपने स्तर से वैकलपिक व्यवस्थि कर रह रहें हैं तो उन्हें वहां से कोरोना बिमारी फैलाने के नाम पर भगाया जा रहा है इसलिए इस मामले को गंभिरता पूर्वक संज्ञान लेते हुए ठोस कदम राज्य सरकार उठाये । साथ ही यह भी कहा गया लॉकडाउन अवधि के दौरान एक भी लोग भुखा नहीं रहेगें वैसी व्यवस्था सरकार उपलब्ध करा रखी है वहीं इस मामले पर कहा गया की यह योजना कैसे सार्थक होगा जबकी जिले का आनाज भंडार खाली पड़ा है तब कैसे भुखें लोगों को खाना खिला पायेंगे ?तथा यह भी सवाल उठाया गया की जिलें में कार्ड धारियों को तो दो तीन बार चावल मिल गया है लेकिन वैसे लोग जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है और बिना कार्डधारियों को मात्र एक बार में दस किलो खाद्यान्न देकर विभाग चुप्पी साधी हुई है दस किलो में यह लंबा लॉकडाउन अवधि गुजर जायेगी ? अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टी के कारण किसान दोहरी मार झेल रही है।इस मामले को संज्ञान में लेते हुए विभाग को निर्देशित किया गया है।दुसरी ओर सरकार ने पहले ही किसानों का धान तो अधीप्राप्त कर लिया है लेकिन धान अधिप्राप्ती का राशी का भुगतान अब तक नहीं की गई है और किसानों अब दोहरी मार झेल रही है वैसे में किसानों का धान अधिप्राप्त राशी का भुगतान अभिलंब करें ताकी दोहरीमार से किसान उभरें और खेती की ओर बड़े।सांसद गीता कोड़ा ने मजदुरों को रोजगार देने के लिए भी मनरेगा योजना शुरू करने की बात कही तो इस पर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान में लेते हुए कहा की मनरेगा के तहत मजदुरों को काम देने के लिए नये प्रारूप तैयार कर सभी जिला में उपलब्ध करा दिया गया और शीघ्र ही मजदुरों को मनरेगा के तहत कार्य मिलना शुरू हो जायेगा।