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गुमला9 दिन पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना
  • अर्जुन ने फफरे भाई को आने के लिए बुलाया था, लेकिन बाइक न होने के कारण नहीं पहुंच सके।

घाघरा प्रखंड मुख्यालय के पुराने पेट्रोल पंप के पीछे हाथा-चौड़ा के पास इटखरी गांव निवासी अर्जुन महली (33) को अज्ञात अपराधियों ने लाठी-डंडों से मार डाला। वे सक्रिय झामुमो कार्यकर्ता थे। मृतक के भाई दुर्गेश महाली ने कहा कि उसका भाई गुरुवार शाम करीब 7 बजे घर से चला गया। इसके बाद घर नहीं आया। शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि अर्जुन का शव खेत में पड़ा है।

आगे जाकर देखा तो मेरा भाई अर्जुन महाली खून से लथपथ पड़ा था। हत्या के बाद एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल और थाना प्रभारी कुंदन कुमार सिंह ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हत्या को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और थाने पहुंचकर स्टेशन गेट पर सड़क जाम कर दिया। इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल ने करीब एक घंटे बाद जाम स्थल पर पहुंच आर्थिक सहायता का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। हत्या के बाद परिवार के लोग रो रहे हैं। मृतक के भाई प्रेमचंद महाली ने बताया कि रात करीब 10 बजे अर्जुन ने फोन किया और मुझे लेने के लिए आने के लिए फोन कर रहा था। इस पर प्रेमचंद ने पूछा कि अर्जुन ने कहां है कि शिकवा पुल के पास है। इसके बाद किसी ने अर्जुन से बात नहीं की। प्रेमचंद ने बताया कि मेरे पास मोटरसाइकिल नहीं थी। इस कारण मैं नहीं जा सका और मुझे यह अनुमान भी नहीं था कि ऐसी घटना होगी। बीडीओ विष्णु देव कच्छप ने मृतक के भाई दुर्गेश महाली को 10,000 रुपये नकद दिए। इंस्पेक्टर ने 3000 रुपये के पुलिस स्टेशन की ओर से मदद की। यह घटना घाघरा मुख्यालय से सिर्फ 1 किमी की दूरी पर हुई।

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