रांची9 घंटे पहलेलेखक: शंभू नाथ

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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शैलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि बच्चों के मूल्यांकन के लिए ऑफलाइन परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

झारखंड में हाई स्कूल शिक्षा सामान्य होने के बाद अब शिक्षा विभाग प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश में लग गया है. इसके लिए अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। स्कूल खोलने को लेकर मंथन भी चल रहा है।

इन सबके बीच राज्य शिक्षा परियोजना परिषद बच्चों की ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर रही है। जल्द ही इस संबंध में सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी कर दिया जाएगा। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को फिर से किताबों की ओर ले जाना है।

क्या है विभाग की योजना

स्कूलों को ऑफलाइन परीक्षा के लिए कई निर्देश दिए जा सकते हैं। इसके तहत कोविड के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए यह परीक्षा आयोजित करनी होगी। सभी स्कूलों में ड्रॉप बॉक्स होना चाहिए। सभी बच्चों को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी होगी। बच्चे अपनी सुविधानुसार घर पर या निर्धारित संख्या में स्कूलों में आकर उत्तर लिखकर ड्रॉप बॉक्स में डालेंगे।

हर महीने होगी परीक्षा

विभाग हर महीने परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर रहा है ताकि बच्चों की प्रगति को समझा जा सके। इसमें बच्चों से उनकी क्लास के साथ-साथ उनकी पिछली क्लास से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे. इसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।

प्राइमरी स्कूल 16 महीने से बंद

कोरोना के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी स्कूलों को अप्रैल 2020 से बंद कर दिया गया था। राज्य के हाई स्कूल दिसंबर 2020 में खोले गए थे, लेकिन तीन महीने की पढ़ाई के बाद फिर से बंद कर दिए गए। अब इन्हें अगस्त में फिर से खोल दिया गया है। प्राथमिक विद्यालय अभी भी बंद हैं।

जल्द तैयार होगी परीक्षा की रूपरेखा : निदेशक

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शैलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि बच्चों के मूल्यांकन के लिए ऑफलाइन परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है. इसे कैसे व्यवस्थित किया जा सकता है? जल्द ही इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी।

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