रांची१६ मिनट पहले

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स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों से ऐसे डॉक्टरों की सूची मांगी है, जो नौकरी तो ज्वाइन कर चुके हैं लेकिन लंबे समय से लापता हैं.

झारखंड में जहां डॉक्टरों की भर्ती की मांग उठ रही है वहीं स्वास्थ्य विभाग अब डॉक्टरों की मनमानी पर नकेल कसने की तैयारी में है. विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों से ऐसे डॉक्टरों की सूची मांगी है, जो नौकरी तो ज्वाइन कर चुके हैं लेकिन लंबे समय से लापता हैं.

ऐसे डॉक्टर को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग ने नवनियुक्त डॉक्टरों को योगदान करने का आखिरी मौका दिया है. अंशदान न करने पर सभी कार्यों से मुक्त कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, राज्य भर में करीब चार दर्जन नवनियुक्त डॉक्टर योगदान देने के बाद ड्यूटी से गायब हैं.

18 जनवरी तक योगदान करने का दिया समय
इनकी नियुक्ति पिछले वर्ष झारखंड लोक सेवा आयोग की अनुशंसा पर की गई थी और इन सभी को 18 जनवरी 2021 तक अंशदान करने को कहा गया था। बाद में समय सीमा बढ़ाते हुए इन्हें 18 फरवरी 2021 तक योगदान करने का अवसर दिया गया। इसके बावजूद यदि वे योगदान न दें, विभाग ने उन्हें 30 सितंबर तक योगदान करने का आखिरी मौका दिया है। यदि इस अवधि तक चिकित्सक अपने पदस्थापन स्थान पर अंशदान नहीं करते हैं तो उनकी नियुक्ति निरस्त करने की कार्रवाई की जायेगी।

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