जमशेदपुरपंद्रह घंटे पहलेलेखक: पवन कुमार मिश्रा

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  • 2019 से चल रही संस्था, सत्र एक सप्ताह तक चलता है, टीम में कुल 9 सदस्य

जमशेदपुर स्थित संगठन द हैप्पी ट्राइब ने कार्यस्थल पर बढ़ते तनाव को कम करने का बीड़ा उठाया है। तीन पेशेवरों ने लाखों रुपये की नौकरी छोड़कर लोगों में बढ़ रहे दुख (डिप्रेशन) को कम करने की दिशा में काम शुरू किया। इसके लिए संस्था ने दलमा अभयारण्य के खूबसूरत मैदानों में हैप्पीनेस सेंटर (हैप्पीनेस सेंटर) की स्थापना की।

टीम स्कूलों में जाकर बच्चों को हमेशा खुश रहने के लिए प्रेरित कर रही है, जबकि दुख के कारण आते हैं और इससे कैसे निपटा जाए। कॉरपोरेट सेक्टर के ऐसे लोग जो किसी न किसी वजह से खुद को दुखी पाते हैं, उन्हें हैप्पीनेस सेंटर भी कहा जाता है।

संस्था के मुखिया संतोष शर्मा के मुताबिक शहर का कोई भी व्यक्ति तनाव में रहता है और अगर उसे कुछ दिन गांव में रखा जाए तो उसका दुख कम होने लगता है. इस थीम पर 2019 में द हैप्पी ट्राइब का गठन किया गया था। संगठन अब तक 1000 से अधिक लोगों को परामर्श दे चुका है। इस टीम में फिलहाल 9 सदस्य हैं। हैप्पीनेस सेंटर एक सप्ताह का सत्र चलाता है।

काउंसलिंग में इस तरह खुश रहने की बात कही गई है

  • अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेना बंद करें और दूसरों में दोष ढूंढना बंद करें। वहां आपको अपनी गलतियों को समझने और उन्हें सुधारने का मौका मिलेगा।
  • नकारात्मक लोगों से दूर रहने के साथ-साथ दूसरों के लिए नकारात्मक सोच और नकारात्मक भाषा का प्रयोग बंद करें।
  • कहा जाता है कि खुश रहने के लिए ज्यादा से ज्यादा दोस्त बनाना। इससे आप अकेलेपन से दूर हो जाएंगे और आपको नए दोस्त मिलेंगे, जिनके साथ आप कई चीजें शेयर कर पाएंगे और सीख पाएंगे।

80 प्रतिशत दुख लोग खुद पैदा कर रहे हैं। टीम का लक्ष्य दुख को खुशी के स्तर पर लाना है। यदि हम लोगों के दुख को 40 प्रतिशत भी कम कर दें तो हजारों परिवारों को टूटने से बचाया जा सकता है। -संतोष शर्मा

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