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  • नहीं होगा रावण दहन, पंडाल में एक साथ रहेंगे 25 लोग, भोग की होम डिलीवरी की अनुमति

रांचीपंद्रह घंटे पहले

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बैठक में एसडीओ दीपक कुमार दुबे, एडीएम उत्कर्ष गुप्ता, सिटी एसपी सायराभ, ट्रैफिक एसपी रेशमा रामेसन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

  • रांची जिला-पुलिस प्रशासन ने राजधानी की पूजा समितियों के पदाधिकारियों के साथ की बैठक
  • दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन के दिशा निर्देशों पर सख्त निर्देश…

दुर्गा पूजा को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन व नगर निगम में तैयारियां शुरू हो गई हैं. पिछले साल की तरह इस साल भी श्रद्धालु मां के दर्शन तो कर सकेंगे, लेकिन पूजा पंडालों में दर्शन नहीं होंगे. सरकार ने कोविड-19 से बचाव के लिए इस संबंध में कई निर्देश जारी किए हैं। पूजा की तैयारी को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन ने सोमवार को पूजा समितियों के साथ बैठक की. बैठक की अध्यक्षता एडीएम लॉ एंड ऑर्डर उत्कर्ष गुप्ता ने की। उत्कर्ष गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि इस साल भी पहले की तरह पूजा के सफल आयोजन में प्रशासन का सहयोग करें. उधर, महापौर व अधिकारियों ने निगम में पूजा समितियों के साथ बैठक की. तय हुआ कि राजधानी को 10 जोन में बांटकर सफाई की जाएगी। जहां जलजमाव होगा, वहां धूल डाली जाएगी। सबसे पहले छोटे पूजा पंडालों में धूल मिट्टी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद बड़े पूजा पंडालों को धूल चटा दी जाएगी।

एसडीओ दीपक दुबे ने कहा… गाइडलाइन का पालन करें
एसडीओ दीपक कुमार दुबे ने कहा कि कोविड से बचाव के लिए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा. उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आईपीसी की धारा 188 समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।

सिटी एसपी ने कहा…कोविड से सुरक्षा व बचाव प्राथमिकता

सिटी एसपी सौरभ ने बताया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा के सफल आयोजन के लिए मुख्य रूप से दो बातों पर ध्यान दिया जाएगा. ये हैं कोविड से सुरक्षा और बचाव। जिन जगहों पर संवेदनशीलता बनी हुई है या जहां पूर्व में कोई घटना हुई है, वहां उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाएगा. कोविड को लेकर जो भी गाइडलाइन होगी, उस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सीसीटीवी की फोर्स और संख्या तय की जाएगी

ट्रैफिक एसपी रेशमा रामेसन ने कहा कि कई जगहों की पहचान की जा रही है जहां सीसीटीवी लगाए जाएंगे। यातायात को लेकर समितियां विशेष व्यवस्था करें। पंडालों से 200-300 मीटर की दूरी पर पार्किंग की व्यवस्था हो, ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो। आपातकालीन सेवा में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए।

आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग लगाना एवं हटाना

पूजा समितियों ने अपने क्षेत्र में पूजा के संचालन के संबंध में कई सुझाव और सलाह दी। उन्होंने कुछ व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की भी अपील की। समितियों ने सुरक्षा, यातायात, प्रसाद वितरण, विसर्जन, बैरिकेडिंग आदि के संबंध में भी अपने सुझाव दिए। समितियों द्वारा दिए गए कुछ मुख्य सुझाव इस प्रकार हैं:

  • पूजा के दौरान तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले बाइक चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
  • आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग लगाना एवं हटाना
  • सीसीटीवी लगवाएं, सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग और फोर्स की तैनाती की जाए।
  • षष्ठी से मूर्ति विसर्जन तक सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक नो एंट्री लागू नहीं होनी चाहिए।
  • ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान दें, लोगों को रोकें और जुर्माना करें
  • बिजली, पानी और स्वच्छता की व्यवस्था में सुधार करने के लिए

पंडालों में महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट गेट बनाने होंगे : मेयर

मेयर आशा लाकड़ा ने कहा कि पंडालों में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाना होगा. मूर्ति विसर्जन के बाद संबंधित तालाबों व जलाशयों में गंदगी न फैले, इसके लिए नगर निगम मूर्ति विसर्जन कुंड की भी व्यवस्था करेगा. बैठक में मेयर आशा लकड़ा के अलावा उप नगर आयुक्त कुंवर सिंह पाहन, सहायक नगर आयुक्त ज्योति कुमार मौजूद थे.

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