जमशेदपुर8 घंटे पहले

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  • आखिरकार टाटा स्टील यूआईएसएल को काम बंद करना पड़ा

आदित्यपुर टेल ब्रिज के कदमा छोर पर खरकई नदी के अतिक्रमण के मामले में सुवर्णरेखा परियोजना के कार्यकारी अभियंता कुमार अरविंद ने JUSCA (टाटा स्टील UISL) को नोटिस भेजा है. मुख्य अभियंता पीएन सिंह के आदेश पर जुस्के के सीनियर जीएम धनंजय मिश्रा को भेजे गए नोटिस में 15 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं. अतिक्रमण नहीं हटाने का मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। मुख्य अभियंता पीएन सिंह ने कहा- मामले की जांच के लिए गठित टीम मिली- जुस्के ने नदी तल व ढलान पर अतिक्रमण कर लिया है. उन्होंने नदी तट को भरकर मिट्टी लगाने की जुस्के की याचिका को खारिज कर दिया।

ईई कुमार अरविंद ने बताया- जुस्के के सीनियर जीएम को ई-मेल के जरिए नोटिस भेजा गया है. इसकी मूल प्रति रजिस्ट्री से भेज दी गई है। अगर तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो जुस्का के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने डीसी सूरज कुमार को पत्र भी भेजकर जुस्का द्वारा किए गए अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाने का आग्रह किया है.

बाधित करने पर कब्जे का काम तेज किया गया

इस मामले में दैनिक भास्कर ने 6 अक्टूबर के अंक में यह खबर प्रकाशित की थी, उसी दिन से नदी के किनारे चारदीवारी बनाने का जुस्का का काम तेज हो गया था. मजदूरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।

जुस्को के तर्क को टीम ने खारिज किया

जुस्के ने जांच दल को वृक्षारोपण के लिए नदी के किनारे ढलान बनाने को कहा। लेकिन जांच टीम ने जुस्के की दलील को गलत माना. प्रदीप नारायण सिंह, मुख्य अभियंता, सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना

मामले में क्या हुआ

  • 03 अक्टूबर को जुस्के ने बिना अनुमति आदित्यपुर टेल ब्रिज के कदमा छोर के पास खरकई के बेड ओस्लैप में स्लैग और मिट्टी भरकर चारदीवारी का निर्माण शुरू किया।
  • 05 अक्टूबर को खरकई नहर संभाग के ईई कुमार अरविंद ने नदी तट पर निर्माण कार्य को रोकने के लिए जुस्के एमडी को पत्र लिखा था. साथ ही डीसी सूरज कुमार व कदमा थाने को पत्र भेजकर अतिक्रमण रोकने का आग्रह किया।
  • 06 अक्टूबर को सुवर्णरेखा परियोजना के मुख्य अभियंता प्रदीप नारायण सिंह ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया.
  • 08 अक्टूबर को जांच समिति के अध्यक्ष अधीक्षण अभियंता विश्वनाथ बाईपई एवं अन्य सदस्यों ने कदमा साइड में नदी तल एवं ढलानों का निरीक्षण किया. टीम के सामने जुस्के के सीनियर जीएम धनंजय मिश्रा और राजीव कुमार ने पक्ष रखा.
  • 11 अक्टूबर को जांच दल ने जुस्का के अतिक्रमण को सही पाया और मुख्य अभियंता को रिपोर्ट भेजी.

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