रांचीएक घंटा पहलेलेखक: अमरेंद्र कुमार

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  • राजस्व बढ़ा, बेरोजगारी दर भी 33.5% घटी

कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब राज्य की अर्थव्यवस्था पटरी पर आने लगी है. बाजार अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ ही सरकार के वाणिज्यिक कर और उससे जुड़े अन्य विभागों का राजस्व संग्रह बढ़ रहा है। पिछले साल अप्रैल से इस साल सितंबर तक बेरोजगारी दर में 33.5% की कमी आई है।

साल 2020 की दो तिमाहियों पर नजर डालें तो बेहतर आंकड़े सामने आए हैं। 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में राज्य सरकार के राजस्व संग्रह में सुधार हुआ है। अप्रैल 2021 में जहां केंद्रीय करों से राजस्व और राज्य का अपना राजस्व 3550 करोड़ रुपये था, वह सितंबर में बढ़कर 5188 करोड़ हो गया है।

इसी तरह, वाणिज्यिक कर और परिवहन क्षेत्रों में राजस्व संग्रह में वृद्धि हुई है। पिछले साल की तीसरी तिमाही में जो राजस्व की स्थिति दिसंबर के महीने में थी वह इस बार सितंबर में ही पहुंच गई है। पिछले साल दिसंबर में जहां 5224 करोड़ की राजस्व आय हुई थी, वहीं इस बार सितंबर में ही 5188 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई है.

2020 में राज्य का राजस्व (राशि करोड़ में) और 2021 में राजस्व वसूली (राशि करोड़ में)

2020 में राज्य का राजस्व (राशि करोड़ में) और 2021 में राजस्व वसूली (राशि करोड़ में)

वाणिज्य कर, परिवहन, खान, निबंधन, आबकारी विभागों का राजस्व दोगुना हुआ

इस बार पूर्ण लॉकडाउन नहीं था। वाणिज्य कर, परिवहन, खदान, निबंधन, आबकारी, भू-राजस्व विभागों सहित राज्य के प्रमुख राजस्व संग्राहकों का राजस्व दो गुना से अधिक है. वर्ष 2020 के अप्रैल में इन विभागों का राजस्व 1176 करोड़ रुपये था। इस बार रिकवरी 2427 करोड़ रुपये है। इसी वजह से इस बार किसी भी तरह के खर्चे पर कोई रोक नहीं है।

बेरोजगारी भी पिछले साल 47% थी, इस साल 13.5 फीसदी पर आ गई अप्रैल-2020 में झारखंड की बेरोजगारी दर 47% थी। इस साल अप्रैल में यह गिरकर 16.5 फीसदी पर आ गया। सीएमआईई (सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी) के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी और मार्च में यह आंकड़ा 12 और 13 फीसदी था। झारखंड में बेरोजगारी दर अप्रैल 2021 में घटकर 16.5 फीसदी पर आ गई। वहीं, सितंबर-2021 में यह 13.5 फीसदी पर पहुंच गया है।

विशेषज्ञ दृश्य

– डॉ. हरिश्वर दयाल, निदेशक प्रमुख, वित्तीय अध्ययन संस्थान

निर्माण, परिवहन जारी रहा, इसलिए अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है

पिछले साल कोरोना की वजह से पहली दो तिमाहियों में अर्थव्यवस्था की हालत खराब थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ हो जाएगा कि अर्थव्यवस्था अब ठीक हो रही है। इसके भी कारण हैं। इस बार निर्माण कार्य जारी रहा। परिवहन भी काफी हद तक चालू है। अन्य आर्थिक गतिविधियां भी जल्द पटरी पर आने की संभावना है।

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