बोकारो (दुग्दा)36 मिनट पहले

  • लिंक की प्रतिलिपि करें

घटना के बाद से नाराज कर्मचारी कोलवाशरी के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.

37 वर्षीय राजू राजभर की गुरुवार देर रात बोकारो के दुगड़ा कोलवाशरी प्लांट में मौत हो गई. वह एफएफ प्लांट दुग्दा-2 में कार्यरत था। प्लांट के कर्मचारी उसकी मौत के लिए प्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही से उनकी मौत हुई है।

उनके साथ काम करने वाले कर्मचारी महिपाल पासवान ने बताया कि राजू ने उन्हें 12 बजे बताया कि उनके पेट और सीने में तेज दर्द हो रहा है. इसकी जानकारी उन्होंने प्रबंधन के एनसी सामंत को दी। साथ ही तुरंत डॉक्टर और एंबुलेंस को बुलाने की मांग की. लेकिन वह दो घंटे तक कराहता रहा, कोई डॉक्टर नहीं आया। रात दो बजे के बाद जब तक डॉक्टर आए तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

मौत पर सवाल
राजू राजभर की मौत पर भी सवाल उठ रहा है. उनके साथ काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि उनके पेट और सीने में दर्द था। लेकिन जब उसका शव बाहर निकाला गया तो उसके मुंह और नाक से झाग निकल रहा था।

आश्रितों को तत्काल नौकरी देने की मांग पर अड़ा संगठन
घटना के बाद सुबह से ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व यूनियन नेता प्लांट पहुंचे और वाशरी के जीएम को फोन कर मृतक के आश्रितों को तत्काल नौकरी देने की मांग की. मजदूरों का कहना है कि अगर समय पर इलाज शुरू होता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।

क्या है ट्रेड यूनियन की मांग
जनता मजदूर संघ के दुग्दा कोलवाशरी शाखा सचिव गुलाबचंद चौहान ने वाशरी कर्मचारी की मौत के लिए वाशरी प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अगर एम्बुलेंस और डॉक्टर सही समय पर मिल जाते तो मृतक को बचाया जा सकता था। उसने तुरंत मृतक के आश्रित को एक घातक दुर्घटना के तहत भेज दिया। प्रोविजनल प्लानिंग, 15 लाख अनुग्रह राशि और कामगारों को मुआवजा देने की मांग की.

(इनपुट बोकारो के दुगड़ा से :- राजेंद्र प्रसाद महतो)

और भी खबरें हैं…

.

Source by [author_name]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here