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चतरा3 दिन पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना
  • डीसी ने कहा था, उसी गांव के एसएचजी से शौचालय का निर्माण करवाएं

पेयजल और स्वच्छता विभाग किसी भी शीर्ष अधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं करता है। चाहे डीसी हो या अन्य अधिकारी। ये विभाग अपना वांछित कार्य करते हैं। डीसी दिव्यांशु झा ने उसी गांव के एसएचजी (सेल्फ हेल्प ग्रुप) से स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालय का निर्माण करने का निर्देश दिया है। लेकिन विभाग डीसी के आदेश का मजाक उड़ा रहा है। पेयजल स्वच्छता विभाग ने उसी गांव के एसएचजी से शौचालय का निर्माण नहीं कराकर केवल 22 एसएचजी को छह करोड़ नौ लाख 94 हजार दिए। इनमें से एक एसएचजी को दो ब्लॉकों और कुछ को तीन ब्लॉकों में शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।

इनमें से कई एसएचजी को पहले शौचालय बनाने के लिए धन दिया गया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि शहर के SHG को गाँव में शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी भी दी गई थी। यह एसएचजी अखंड ज्योति दीभा है। इसे लावालोंग और चतरा में शौचालय निर्माण के लिए नौ लाख 60 हजार रुपये दिए गए थे। यही नहीं, पहले दिए गए राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं करने वाले एसएचजी को भी फिर से राशि दी गई। यह कहा जाता है कि यह राशि SHG के खाते में विभाग के खाते के माध्यम से नहीं भेजी जाती है, लेकिन केवल DPMU ही है जो शौचालय निर्माण का पर्यवेक्षण करता है। विभाग ने अखंड ज्योति पूजा एसएचजी को तीन ब्लॉकों में शौचालय बनाने का काम दिया है। इसके लिए एसएचजी के बैंक खाते में 58.96 लाख रुपये भेजे गए हैं।

यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। पहली किश्त 13 सितंबर को 17 लाख 28 हजार, दूसरी किश्त राशि 32 लाख आठ हजार और तीसरी किश्त 14 सितंबर को नौ लाख 60 हजार रुपये 22 सितंबर को दी गई थी। इसमें जिले के इटखोरी, मयूरहंड और सिमरिया ब्लॉक में शौचालय का निर्माण करना है। डीसी दिव्यांशु झा ने कहा कि पेयजल और स्वच्छता विभाग को गांव के स्वयं सहायता समूह से शौचालय बनाने का निर्देश दिया गया है। अगर ऐसा नहीं है, तो मामले की जांच की जाएगी।

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