तीसरा14 घंटे पहले

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धनतेरस के दिन झारखंड राज्य वन सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने वन रक्षक के पद पर वन रक्षकों की पदोन्नति की मांग को लेकर प्रमुख सचिव, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रमुख सचिव को अवगत कराया गया कि वन विभाग के प्रमुख झारखंड राज्य के तहत वन क्षेत्र श्रमिक संवर्ग नियम 2014 के तहत वनपाल की बहाली के लिए एक नियमावली तैयार कर रहे हैं, जिससे वन रक्षकों की पदोन्नति का अवसर समाप्त हो जाएगा.

यह भी बताया गया कि 2014 के नियमावली में वन रक्षक से 100 प्रतिशत वन रक्षक पदों को प्रोन्नति से भरने का प्रावधान है. लेकिन विभाग द्वारा नए नियमों के मसौदे का प्रस्ताव दिया गया है कि वन रक्षक के 50 प्रतिशत पदों पर ही वन रक्षक को पदोन्नति मिलेगी, जिससे वन रक्षक के पद पर पदोन्नति के अवसर समाप्त हो जाते हैं. गार्डों ने झारखंड राज्य अवर वन अधिकारी संवर्ग नियम 2014 से छेड़छाड़ करने की योजना बनाई है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख सचिव से 2014 के नियम यथा लागू रखने का अनुरोध किया।

यदि वनपाल के पद पर नई नियुक्ति होती है तो वन रक्षक आजीवन पदोन्नति के लाभ से वंचित रहेंगे। प्रमुख सचिव वंदना दादेल ने आश्वासन दिया है कि वन रक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पर विचार किया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों में झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के मुख्य संरक्षक वासुदेव पांडेय, झारखंड राज्य वन सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद, महासचिव शिवनारायण महतो, जोनल मंत्री संजय कुमार महतो शामिल थे.

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