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  • कोरोना से अनाथ हुए 86 बच्चों को नहीं मिला माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, पीएम केयर्स का फायदा उठाने में फंस सकता है पेंच

रांची33 मिनट पहलेलेखक विनय चतुर्वेदी

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पीएम केयर्स (फाइल फोटो)

राज्य के 106 अनाथ बच्चों में से जिन्होंने काेराेना से अपने माता-पिता का दान खाया है, उनमें से 86 बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन का लाभ नहीं मिलेगा. इसका कारण यह है कि उनके पास अपने माता-पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र कोविड से नहीं है, जबकि इस योजना का लाभ पाने के लिए यह प्रारंभिक और अनिवार्य शर्त है।

ऑनलाइन आवेदन भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन की गाइडलाइन के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र के ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड के दौरान अपने माता-पिता, जीवित माता-पिता या दत्तक माता-पिता दोनों को खो दिया है, उन्हें 23 साल की उम्र पूरी होने पर 10 लाख रुपये मिलेंगे.

ऐसे बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा, भोजन और अन्य सभी जरूरतें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। समाज कल्याण विभाग को मिली जानकारी के अनुसार माता-पिता दोनों को खोने वाले अनाथ बच्चों में से केवल 20 बच्चों को ही कोविड से अपने माता-पिता की मृत्यु का प्रमाण पत्र मिला है. प्रमाण पत्र के बिना पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन का फॉर्म ऑनलाइन अपलोड नहीं किया जा सकता है।

31 दिसंबर तक करना होगा ऑनलाइन आवेदन… मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ फॉर्म भरने पर मिलेगा लाभ

जानिए… इन बच्चों को क्या मिलेगा लाभ

  • 31 दिसंबर तक ऑनलाइन भरना है आवेदन, उम्र 18 साल से कम होनी चाहिए, लाभार्थी बच्चे को 23 साल की उम्र में 10 लाख रुपये मिलेंगे.
  • ऐसे बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा, भोजन और अन्य सभी जरूरतें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • 10 साल तक ये बच्चे बाल केंद्रों में रहेंगे, 11वें साल में इन्हें कस्तूरबा गांधी विद्यालय, एकलव्य मॉडल स्कूल, सैनिक स्कूल, नवोदय स्कूल आदि में प्रवेश दिया जाएगा.
  • आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा।

ऐसे सभी बच्चों को 18 साल तक मिलेगा ये लाभ

10 साल तक ये बच्चे बाल केंद्रों में रहेंगे, जबकि 11 साल बाद इन बच्चों को कस्तूरबा गांधी विद्यालय, एकलव्य मॉडल स्कूल, सैनिक स्कूल, नवोदय स्कूल या किसी अन्य आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा. आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। इन सभी बच्चों को 18 साल की उम्र तक ये लाभ मिलेगा।

मौत का कारण कोविड दर्ज, लेकिन नहीं मिला प्रमाण पत्र
यह अपने आप में विडंबना है कि विभाग की फाइलों में मौत का कारण कोविड बताया गया है, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिला है। यह सूची पंचायत के मुखिया, गांवों के वार्ड सदस्यों, सहियाओं, आंगनबाडी कार्यकर्ताओं और पंचायत सचिवों की अनुशंसा पर तैयार की गई है. उन्होंने अपनी सिफारिश में बताया है कि इन सभी को कोरोना के चलते अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां इनकी मौत हो गई.

सभी डीसी को सर्टिफिकेट दिलाने में मदद करें : निदेशक
समाज कल्याण निदेशक नमन प्रियेश लाकड़ा ने बताया कि सभी डीसी को प्रमाण पत्र बनवाने में मदद करने को कहा गया है. इस मामले में स्वयं पहल करते हुए जल्द ही इसका समाधान करने का निर्देश दिया गया है। लकड़ा ने कहा कि यदि अस्पताल से प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कोई समस्या आती है तो पंचायत प्रमुख, पंचायत सेवक या आंगनबाडी सेविका द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र को स्वीकार करने का अनुरोध किया जायेगा.

कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों का जिलेवार आंकड़ा
जिला संख्या

रांची 24
बोकारो 08
चतरा 02
देवघर 02
धनबाद 01
दुमका 04
एन.एस. सिंहभूम 06
गढ़वा 00
गिरिडीह 04
गोड्डा 01
गुमला 10
हजारीबाग 03
जिला संख्या
जामताड़ा 02
खूंटी 11
कोडरमा 00
लातेहार 01
लोहरदगा 06
पाकुर 00
पलामू 00
रामगढ़ 04
साहिबगंज 00
सरायकेला 10
सिमडेगा 00
संगीत के पैमाने का पाँचवाँ नोट। सिंहभूम 07

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