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रांचीसात दिन पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना

फाइल फोटो

  • सुनवाई के दौरान जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने कई सवाल पूछे
  • सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अभिषेक आनंद

उच्च न्यायालय ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद काे रिम्स के पेइंग वार्ड से निदेशक के बंगले और चारा मामले में सरकार के कामकाज पर बदलाव पर नाराजगी जताई। न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को जेल मैनुअल के उल्लंघन पर कई सवाल उठाए। लालू प्रसाद किन नियमों के तहत रिम्स निदेशक के बंगले में शिफ्ट हुए? सरकार स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है। कानून कानून द्वारा शासित होता है, व्यक्तिगत व्यक्तियों को देखकर नहीं। सरकार ने कहा – जेल मैनुअल और एसओपी क्या है, कृपया 22 जनवरी तक जवाब दें।

कोर्ट – जेल प्राधिकरण को सूचना क्यों नहीं दी, सरकार – प्रावधान स्पष्ट नहीं थे

न्याय: रिम्स के वार्ड से निर्देशक का बंगला शिफ्ट करने की फिराक में थे लालू यादव?
अतिरिक्त महाधिवक्ता: रिम्स को कोरिया संक्रमण का खतरा था, इसलिए उन्हें रिम्स से हटाकर एक नए स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया।
न्याय: जेल प्राधिकरण को क्या जानकारी नहीं दी गई या किसी अन्य विकल्प पर क्या किया गया?
एडिशनल एडवोकेट जनरल: रिम्स प्रबंधन ने उस समय यह निर्णय लिया, जो बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हैं।
न्याय: जेल से बाहर आने वाले कैदियों की सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान हैं, उन्हें क्या सुविधाएं दी जाती हैं? जेल आईजी और एसएसपी की रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है।
अतिरिक्त महाधिवक्ता: कैदी के सेवादार का प्रावधान जेल मैनुअल में है, लेकिन पूरी स्पष्टता नहीं है। इसलिए, राज्य सरकार जेल मैनुअल में बदलाव कर रही है। एक नया एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) भी बना रहा है।

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