जमशेदपुर2 घंटे पहले

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इकोकार्डियोग्राफी मशीन।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल को विकसित करने का काम लगातार जारी है. सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द यहां कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

दरअसल एमजीएम में गायनोकोलॉजी, फार्माकोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी समेत कई विषयों में 19 सीटों पर पीजी की पढ़ाई शुरू करने को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने हरी झंडी दे दी है. हालांकि इससे पहले कुछ कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें इकोकार्डियोग्राफी और सीटी स्कैन मशीन भी शामिल है। कॉलेज प्रशासन ने दिसंबर तक इन मशीनों को लगवाना शुरू कर दिया है।

एमजीएम में पहली बार लगेगी इकोकार्डियोग्राफी मशीन इसका उपयोग हृदय रोग के निदान में किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे हृदय, उसके आकार, उसके आकार, पंप करने की क्षमता और अन्य जानकारी मिलेगी और उसके आधार पर मरीजों का इलाज संभव होगा. फिलहाल एमजीएम में यह फीचर उपलब्ध नहीं है।

यहां हृदय रोगी को बाहर इकोकार्डियोग्राफी करानी पड़ती है। इसके एवज में मरीजों को 1500-2000 दो हजार रुपये देने पड़ते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के पास जांच के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में उन्हें बिना जांच कराए ही लौटना पड़ रहा है। लेकिन, अब इस मशीन के लगने से मरीजों की नि:शुल्क जांच की जा सकेगी। वहीं, नई सीटी स्कैन मशीनें भी खरीदी जाएंगी। इसका आदेश दिया गया है।

इकोकार्डियोग्राफी मशीन से हृदय रोग के मरीजों के इलाज में होगी सुविधा

उम्मीद है कि ये दोनों सुविधाएं जल्द ही उपलब्ध होंगी। अभी एमजीएम में सीटी स्कैन मशीन खराब पड़ी है। इस वजह से मरीजों की जांच ठप पड़ी है। एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि संबंधित व्यक्ति को मशीन बनाने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने नई मशीन लगाने की सलाह दी है. क्योंकि यह मशीन पहले भी कई बार खराब हो चुकी है। इसलिए नई मशीन का ऑर्डर दिया गया है जिसे दिसंबर तक लगा दिया जाएगा।

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