मुख्य द्वार पर प्रवेश करते ही इस झरने की मीठी सी ध्वनि आपके कानों में मिश्री घोलते हुए आपका स्वागत करती है…

कोविड-19 रूपी वैश्विक आपदा के समय हम सभी लॉक डाउन का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आइए पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती दर्शनीय स्थलों के रमणीक अंचलों में आपको लिए चलते हैं। ‘सारंडा दर्शन’ का आज का वीडियो है पश्चिमी सिंहभूम के बंदगांव प्रखंड में अवस्थित हिरनी जलप्रपात।

चाईबासा से 68 किलोमीटर उत्तर की ओर…
सारंडा के जंगलों में…
प्रकृति की गोद मे बसा…
कल-कल कर अटखेलियां करता यह अद्भुत हिरनी जलप्रपात…

पहाड़ों के मध्य…
121 फीट की ऊँचाई से गिरते हुए इस जलधारा को देख…
ऐसा प्रतीत होता है…
मानो किसी बीहड़ जंगल मे कोई…
मनमोहक सी हिरणी भागती चली जा रही हो…

ऊँची-ऊँची चोटियों से निकलती ये श्वेत जलधारा…
जब विशाल पर्वतों से टकराते हुए धरा को चूमती है…
तब इस रमणीक जलप्रपात का अद्भुत नज़ारा देखने को मिलता है…

प्राकृतिक सौन्दर्य को खुद में समेटे…
इस पर्यटन स्थल तक पहुँचने का सबसे सरल मार्ग रांची-चाईबासा मुख्य मार्ग है…
या रास्ता बीहड़ जंगलों और पहाड़ों के बीच से हो कर गुजरते हुए पर्यटकों के मन को रोमांच से भर देता है…

हिरनी जलप्रपात के मुख्य द्वार पर प्रवेश करते ही…
इस झरने की मीठी सी ध्वनि आपके कानो में मिश्री घोलते हुए आपका स्वागत करती है…

विशाल पर्वतों…
मनमोहक वादियों…
और विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों से घिरा यह जलप्रपात…
पर्यटकों के मन को परम सुख की अनुभूति करवाता है…

जलप्रपात के ऊपर तक जाने के लिए…
बाईं ओर बनी लंबी और सुनहरी सीढ़ियाँ आपको पहाड़ी की चोटी तक ले जाती हैं…
जहाँ पर्यटकों के लिए बने वॉच टावर से आप झरने के अलावा दूर-दूर तक फैले हरे-भरे जंगलों…
तथा बदलों को छूते पर्वतों को देख स्वर्ग की अनुभूति प्राप्त कर सकते हैं…
तथा कभी न भूल पाने वाली स्मृतियों को अपने आंखों मैं कैद कर सकते हैं…

जलप्रपात के ऊपर जाने पर आप…
उद्गम होते हुए इस झरने के मनोहारी दृश्य के साथ साथ…
चट्टानों के बने पुल पर बैठ इस झरने के शीतल जल…
और प्रकृति के असीम सौन्दर्य के मधुर-मिलाप का लुत्फ़ एक साथ उठा सकते हैं…

पर्यटकों की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए…
यहां जगह-जगह चेतावनी चिन्ह बनाये गए हैं…
ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना आपकी इस स्मरणीय यात्रा में बाधा ना डाल सके…

सारंडा वन क्षेत्र में…
दूर-दूर तक फैली इन खूबसूरत वादियों के बीच मौजूद ये जलप्रपात…
कुदरत के उन अनोखे अजूबों जैसा है जो खूबसूरती, रोमांच और शांति का वो संगम है…
जहां पहुंच मन को असीम सुख और एक नई ऊर्जा की प्राप्ति होती है…
तो कुदरत के इन तिलिस्मी नज़ारों के बीच आइये और कुछ पल सुकून के बिताइए…

कृपया अपने घरों में रहें, सुरक्षित रहें। अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। प्रायः सैनिटाइजर का उपयोग करते रहें। कम से कम डेढ़ मीटर की सामाजिक दूरी बनाए रखें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।