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  • जेएसी सचिव को दिया गया रिजल्ट जारी करने का अधिकार, अभी तक नहीं हुई अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की नियुक्ति, दशहरे से पहले जारी होंगे सारे नतीजे

रांचीएक घंटा पहले

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राष्ट्रपति अरविंद प्रसाद सिंह की नियुक्ति 2015 में हुई थी। इनका कार्यकाल तीन साल का होता है। उनका पहला कार्यकाल 2018 में खत्म हो रहा था। (फाइल फोटो)

झारखंड के शिक्षा विभाग को बच्चों का भविष्य याद है, लेकिन ठीक 20 दिन बाद। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के रिक्त पदों के बाद करीब 40 हजार बच्चों को अटके हुए परिणाम जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए शिक्षा विभाग के सचिव ने जेएसी के सचिव को अधिकृत किया है।

फिलहाल जेएसी ने परिणाम घोषित करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले सरकार द्वारा मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले की तैयारी के लिए आयोजित आकांक्षा की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है. इसके अलावा इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की प्रवेश परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया गया है.

इसके साथ ही जेएसी ने मैट्रिक और इंटर की पूरक परीक्षा का परिणाम जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जेएसी सूत्रों की मानें तो दशहरे से पहले मैट्रिक-इंटर का रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा मदरसा, आलिम-फाजिल समेत अन्य रिजल्ट जारी करने की भी तैयारी की जा रही है।

सीएम को चेयरमैन के नाम की घोषणा करनी है
20 दिन पहले शिक्षा सचिव राजेश शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया था कि चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो चुकी है. इस पर विभाग की ओर से काम किया जा रहा है। बहुत जल्द इसकी घोषणा की जाएगी। सीएम ने शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित नाम की सिफारिश की। लेकिन अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है।

अरविंद प्रसाद छह साल बाद सेवानिवृत्त हुए
राष्ट्रपति अरविंद प्रसाद सिंह की नियुक्ति 2015 में हुई थी। इनका कार्यकाल तीन साल का होता है। उनका पहला कार्यकाल 2018 में समाप्त हो रहा था। तत्कालीन रघुवर सरकार ने उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए नियुक्त किया था। उनका दूसरा कार्यकाल भी मंगलवार को समाप्त हो गया। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में जेएसी के कार्यों को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया था.

दैनिक भास्कर ने सबसे पहले उठाया मुद्दाराष्ट्रपति अरविंद प्रसाद सिंह की नियुक्ति 2015 में हुई थी। इनका कार्यकाल तीन साल का होता है। उनका पहला कार्यकाल 2018 में समाप्त हो रहा था।

रिक्त JAC अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद : 30 हजार से अधिक छात्रों का रिजल्ट अटका, गरीब बच्चों की इंजीनियरिंग व मेडिकल की तैयारी भी होगी बाधित, छात्रों से जुड़े कई जरूरी काम होंगे लेट

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