मुख्य बातें

फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर दूसरे राज्य के छात्रों के नामांकन का मामला

टीएसी सदस्य बंधु तिर्की ने स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को मुहैया कराए सबूत

झारखंड आदिवासी सलाहकार परिषद सदस्य सह मंदार विधायक बंधु तिर्की के पास फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर नेतरहाट आवासीय विद्यालय में नामांकन कराने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है. जिसे लेकर विधायक ने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को पत्र भेजकर स्कूल प्रबंधन द्वारा की गई अनियमितताओं की जांच करने को कहा.

पटना व जमुई के छात्रों का नामांकन

भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2019-2020 व 2020-21 में नेतरहाट आवासीय विद्यालय में नामांकन में फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर अन्य राज्यों के बच्चों का नामांकन किया गया है. इस संबंध में टीएसी सदस्य ने विभाग को तीन आवेदकों के साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं, जिसमें पटना के मानव कुमार, जमुई बिहार के पीयूष कुमार और नालंदा के रजनीश कुमार का नाम लिया गया है. पत्र में कहा गया है कि कई छात्र ऐसे हैं जो लोहरदगा, रांची, धनबाद के स्थानीय पते फर्जी प्रमाण पत्र देकर स्कूल में पढ़ रहे हैं. विधायक ने पूरे प्रकरण में स्कूल के प्राचार्य के शामिल होने का आरोप लगाया है. पत्र में यह भी कहा गया कि वर्ष 2021 में नामांकन में 100 छात्रों का चयन किया गया, लेकिन प्रतीक्षा सूची जारी नहीं की गई। इसमें से केवल 95 बच्चों का ही नामांकन हुआ था। स्कूल में एक ही परिवार के दो से तीन बच्चे पढ़ रहे हैं, यह जांच का विषय है।

विलुप्त आदिवासी समुदाय की जमीन हड़पने का आरोप

टीएसी सदस्य ने आरोप लगाया कि वाह नाम का एक समाज सेवा संगठन स्कूल में प्राचार्य द्वारा चलाया जा रहा है. जिसमें स्कूल कर्मियों की भागीदारी से विलुप्त हो रही आदिम जनजातियों की भूमि को ग्रामीणों को गुमराह कर ठगा जा रहा है. जहां अब वाह संगठन द्वारा लोहे की जालियों से घेराबंदी की गई है और बोर्ड पोस्ट में आवासीय विद्यालय नेतरहाट का नाम लिखा हुआ है, जो पूरी तरह से गलत है. इसलिए टीएसी सदस्य ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है.

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